सुधीर चौधरी पर लगा सांप्रदायिक सद्भावना के खिलाफ साजिश रचने का आरोप, FIR दर्ज

सुधीर चौधरी को राहत, पर हाई कोर्ट ने कहा- प्रथम दृष्टया बनता है केस

आज तक चैनल के पत्रकार सुधीर चौधरी को कर्नाटक हाई कोर्ट से शुक्रवार को राहत मिल गई। गिरफ्तारी से राहत देते हुए कोर्ट ने कहा कि सुधीर चौधरी के खिलाफ प्रथम दृष्टया केस बनता है।

आजतक चैनल के पत्रकार सुधीर चौधरी को कर्नाटक हाई कोर्ट से शुक्रवार को राहत मिल गई। गिरफ्तारी से राहत देते हुए कोर्ट ने कहा कि सुधीर चौधरी के खिलाफ प्रथम दृष्टया केस बनता है। सुधीर चौधरी ने अपने शो में दावा किया था कि कर्नाटक सरकार की ‘स्वावलंबी सारथी योजना’ का लाभ केवल धार्मिक अल्पसंख्यकों को दिया जा रहा है।

कर्नाटक हाई कोर्ट के जस्टिस हेमंत चंदनगौदर ने कहा कि इस मामले में उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कोई जरूरत नहीं है, इसलिए राज्य पुलिस को ये निर्देश दिया जाता है कि इस मामले अगले हफ्ते अंतिम निपटारा होने तक सुधीर चौधरी के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई न की जाए। सुधीर चौधरी के अलावा आज तक चैनल ने भी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

अपनी शिकायत में कर्नाटक अल्पसंख्यक विकास निगम (केएमडीसी) ने कहा था कि एंकर ने 11 सितम्बर को अपने शो में दावा किया था कि कर्नाटक में सब्सिडी हिंदुओं को नहीं बल्कि केवल अल्पसंख्यकों को मुहैया कराई जा रही है।

दरअसल, सुधीर चौधरी के खिलाफ बेंगलुरु के शेषाद्रिपुरम में FIR दर्ज की गई थी। उन्होंने शो में दावा किया था कि स्कीम में गरीब हिंदुओं के साथ राज्य में अन्याय हुआ है। इस मामले में चौधरी प्रथम आरोपी हैं। वहीं, पुलिस ने आज तक के मुख्य संपादक और आयोजक को भी आरोपी बनाया है।

सुधीर चौधरी पर आरोप है कि अल्पसंख्यकों के लिए वाणिज्यिक वाहन सब्सिडी योजना के बारे में उन्होंने जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण गलत सूचना दी। विचाराधीन योजना में 4.5 लाख रुपये से कम घरेलू आय वाले धार्मिक अल्पसंख्यकों के लोगों को वाणिज्यिक वाहन खरीदने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी देने का वादा किया गया है। कर्नाटक में पांच समुदाय हैं जिन्हें धार्मिक अल्पसंख्यकों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, उसमें मुस्लिम, ईसाई, जैन, बौद्ध, सिख और पारसी शामिल हैं।