राहुल गांधी नेहरू ने मेमोरियल का नाम बदलने पर कहा- ये उनके कर्म हैं

चीनी मैप पर कांग्रेस हमलावर, राहुल गांधी बोले- पहले की कहा था चीन ने घुसपैठ की है

चीन ने ऑफिशियल मैप जारी किया है जिसके बाद भारत में सियासत तेज हो गई है। चीन ने अरुणाचल प्रदेश, अक्साई चिन, ताइवान और विवादित दक्षिण चीन सागर को अपने हिस्सा बताया है।

चीन ने ऑफिशियल मैप जारी किया है जिसके बाद भारत में सियासत तेज हो गई है। चीन ने अरुणाचल प्रदेश, अक्साई चिन, ताइवान और विवादित दक्षिण चीन सागर को अपने हिस्सा बताया है। चीनी मैप के जारी होने के बाद भारत में सियासी आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। कई नेताओं ने पीएम मोदी पर हमला किया है कि वे कुछ क्यों नहीं बोल रहे हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी से दिल्ली हवाईअड्डे पर मीडिया ने जब मैप के संबंध में पूछा तो उन्होंने कहा, ”मैं यह कई सालों से कह रहा हूं…प्रधानमंत्री ने क्या कहा है, मैं अभी लद्दाख से लौटा हूं…प्रधानमंत्री ने क्या कहा है… एक इंच भी जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया गया है….यह पूरी तरह से झूठ है।”

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि लद्दाख के सभी लोग जानते हैं कि चीन ने भारतीय भूमि पर घुसपैठ की है। नए चीनी नक्शे में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को शामिल करने पर एक सवाल का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा, ”नक्शे का सवाल बहुत गंभीर है, लेकिन उन्होंने (चीन ने) हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया है, प्रधानमंत्री को भी इस मामले पर बोलना चाहिए।”

उधर, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीनी मैप में किए गए दावों को खरिज करते हुए कहा है कि सिर्फ बेतुके दावे करने से अन्य लोगों के क्षेत्र आपके नहीं हो जाते। उन्होंने कहा कि बीजिंग ने पहले भी उन क्षेत्रों पर दावा करते हुए ऐसे नक्शे जारी किए थे, जो उसके नहीं हैं और यह चीन की पुरानी आदत है।

जयशंकर ने कहा, ”यह कोई नयी बात नहीं है. इसकी शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी। इसलिए भारत के कुछ क्षेत्रों पर अपना दावा करने वाला मानचित्र पेश करने से मुझे लगता है कि इससे कुछ नहीं बदलता। ये भारत का हिस्सा हैं. हम बहुत स्पष्ट हैं कि हमारे क्षेत्र कहां तक हैं। यह सरकार इस बारे में बहुत स्पष्ट है कि हमें अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए क्या करने की जरूरत है। आप इसे हमारी सीमाओं पर देख सकते हैं। मुझे लगता है कि इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।”

मानचित्र मुद्दे पर चीन के समक्ष भारत ने मंगलवार को कड़ा विरोध दर्ज कराते हुआ कहा कि चीनी पक्ष के ऐसे कदम सीमा से जुड़े विषय को केवल जटिल ही बनाएंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “हमने चीन के तथाकथित ‘मानक मानचित्र’ के 2023 के संस्करण पर राजनयिक माध्यमों के जरिए कड़ा विरोध दर्ज कराया है, जो भारतीय क्षेत्र पर दावा करता है।” उन्होंने कहा कि हम इन दावों को खारिज करते हैं जिसका कोई आधार नहीं है।

कांग्रेस ने चीन के मानचित्र में भारतीय हिस्सों को दिखाए जाने पर मंगलवार को कड़ी आपत्ति जताई थी। कांग्रेस ने कहा था कि ये भारत के अभिन्न अंग हैं और मनमाने तरीके से तैयार किया गया कोई चीनी नक्शा इसे नहीं बदल सकता। कांग्रेस ने भारत सरकार से मांग की कि आगामी G-20 समिट के दौरान भारतीय क्षेत्र में चीन की घुसपैठ का वैश्विक स्तर पर खुलासा किया जाए।

ट्वीट कर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अन्य देशों से जुड़े क्षेत्रों का नाम बदलने और उन्हें नक्शों पर दर्शाने के मामले में चीन आदतन अपराधी रहा है। कांग्रेस इस तरह के अवैध सीमांकन या भारतीय क्षेत्रों का नाम बदलने पर कड़ी आपत्ति जताती है। उन्होंने कहा, हम अपने पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व चाहते हैं जिसमें चीन शामिल है। हम वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अमन चैन चाहते हैं।